मोबाइल फ़ोन एक ऐसा उपकरण है जिसने आज सारे संसार को जोड़ रखा है ,परन्तु किसी भी वस्तु का एक सीमा से अधिक उपयोग हानिकारक ही होता है ,उसी प्रकार आज युवाओं का जीवन मोबाइल फ़ोन में ही सिमटता जा रहा है, इससे मानसिकता संकीर्ण होती जा रही है , एक दूसरे के बीच विचारों का आदान प्रदान नहीं हो पा रहा है ,सोशल मीडिया की दुनिया ही उन्हें वास्तविकता लगने लगी है जबकि वह एक काल्पनिक दुनिया है , यह भी सत्य है कि सोशल मीडिया की ताकत इतनी है कि अगर इसका सदुपयोग किया जाए तो बड़ी से बड़ी समस्या का हल किया जा सकता है फिर चाहे वह कोई रास्ट्रीय समस्या हो या अंतर्राष्ट्रीय! लेकिन इसके सदुपयोग से ज्यादा दुरुपयोग हो रहे हैं ! मोबाइल फ़ोन की लत कारण पिछले कुछ वर्षों में प्रौद्योगिकी में आए विश्वव्यापी बदलाव के कारण समाज में भी काफी बदलाव आया है। संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आए हर बदलाव को अपनाने के लिए वर्तमान समाज तत्पर है। मोबाइल फोन का आविष्कार भले ही एक वरदान है, लेकिन यह एक अभिशाप के रूप में भी सामने आ रहा है। मोबाइल पर लगातार टेक्स्टिंग करना, कॉल करना और अन्य गतिविधियां (जैसेकि संगीत सुनना, फ़ोन गेम खेलन...